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सहीह मुस्लिम

नंबर 2994

नंबर 2994किताब 15, नंबर 202अरबी नंबरिंग 1231
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَوْنٍ الْهِلاَلِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبَّادُ بْنُ عَبَّادٍ، الْمُهَلَّبِيُّ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، - فِي رِوَايَةِ يَحْيَى - قَالَ أَهْلَلْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالْحَجِّ مُفْرَدًا وَفِي رِوَايَةِ ابْنِ عَوْنٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَهَلَّ بِالْحَجِّ مُفْرَدًا ‏.‏
Nafi' thus reported on the authority of Ibn Umar:We entered into the state of Ihram with Allah's Messenger (ﷺ) for Hajj Mufrad and in the narration of Ibn 'Aun (the words are):" Allah's Messenger (ﷺ) entered into the state of Ihram (with the intention) of Hajj Mufrad

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।