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सहीह मुस्लिम

नंबर 2971

नंबर 2971किताब 15, नंबर 180अरबी नंबरिंग 1225.03
وَحَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ الزُّبَيْرِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ، بْنُ أَبِي خَلَفٍ حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، جَمِيعًا عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَ حَدِيثِهِمَا وَفِي حَدِيثِ سُفْيَانَ الْمُتْعَةُ فِي الْحَجِّ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Sulaiman (but with a slight modification of words)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।