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सहीह मुस्लिम

नंबर 2936

नंबर 2936किताब 15, नंबर 145अरबी नंबरिंग 1212
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَابْنُ، نُمَيْرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، أَخْبَرَهُ عَمْرُو بْنُ أَوْسٍ، أَخْبَرَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أَبِي بَكْرٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَهُ أَنْ يُرْدِفَ عَائِشَةَ فَيُعْمِرَهَا مِنَ التَّنْعِيمِ ‏.‏
Abd al-Rahman b. Abu Bakr reported that the Messenger of Allah (ﷺ) ordered him to mount A'isha behind him and enable her to (enter into the state of Ihram for 'Umra) at Tan'im

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।