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सहीह मुस्लिम

नंबर 2907

नंबर 2907किताब 15, नंबर 116अरबी नंबरिंग 1208.03
وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَأَبُو أَيُّوبَ الْغَيْلاَنِيُّ وَأَحْمَدُ بْنُ خِرَاشٍ قَالَ إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرَانِ، حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ، - وَهُوَ عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ عَمْرٍو - حَدَّثَنَا رَبَاحٌ، - وَهُوَ ابْنُ أَبِي مَعْرُوفٍ - عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، - رضى الله عنهما - أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ لِضُبَاعَةَ رضى الله عنها ‏ "‏ حُجِّي وَاشْتَرِطِي أَنَّ مَحِلِّي حَيْثُ تَحْبِسُنِي ‏"‏ ‏.‏ وَفِي رِوَايَةِ إِسْحَاقَ أَمَرَ ضُبَاعَةَ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Ibn 'Abbas with a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।