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सहीह मुस्लिम

नंबर 2901

नंबर 2901किताब 15, नंबर 110अरबी नंबरिंग 1206.11
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، - رضى الله عنهما - قَالَ كَانَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَجُلٌ فَوَقَصَتْهُ نَاقَتُهُ فَمَاتَ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اغْسِلُوهُ وَلاَ تُقَرِّبُوهُ طِيبًا وَلاَ تُغَطُّوا وَجْهَهُ فَإِنَّهُ يُبْعَثُ يُلَبِّي ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Abbas (Allah be pleased with him) reported that there was a person in the company of Allah's Messenger (may peace' be upon him) whose camel broke his neck and he died. thereupon Allah's Apostle (ﷺ) said:Wash him, but do not apply perfume and do not cover his face, for he would be raised (on the Day of Resurrection) pronouncing Talbiya

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।