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सहीह मुस्लिम

नंबर 2848

नंबर 2848किताब 15, नंबर 58अरबी नंबरिंग 1194.01
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، - رضى الله عنهما - قَالَ أَهْدَى الصَّعْبُ بْنُ جَثَّامَةَ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم حِمَارَ وَحْشٍ وَهُوَ مُحْرِمٌ فَرَدَّهُ عَلَيْهِ وَقَالَ ‏ "‏ لَوْلاَ أَنَّا مُحْرِمُونَ لَقَبِلْنَاهُ مِنْكَ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Abbas (Allah be pleased with them) reported that al-Sa'b b. Jaththama presented to the Messenger of Allah (ﷺ) a wild ass as he was in a state of Ihram, and he returned it to him saying:If we were not in a state of Ihram, we would have accepted it from you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।