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सहीह मुस्लिम

नंबर 2846

नंबर 2846किताब 15, नंबर 56अरबी नंबरिंग 1193.02
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، وَقُتَيْبَةُ، جَمِيعًا عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، ح وَحَدَّثَنَا حَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، كُلُّهُمْ عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ أَهْدَيْتُ لَهُ حِمَارَ وَحْشٍ ‏.‏ كَمَا قَالَ مَالِكٌ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ اللَّيْثِ وَصَالِحٍ أَنَّ الصَّعْبَ بْنَ جَثَّامَةَ أَخْبَرَهُ ‏.‏
A hadith (pertaining to this topic), has been narrated on the authority of Zuhri (and the words are):" I presented to him (the Holy Prophet) a wild ass

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।