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सहीह मुस्लिम

नंबर 2831

नंबर 2831किताब 15, नंबर 41अरबी नंबरिंग 1189.08
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، أَخْبَرَنَا الضَّحَّاكُ، عَنْ أَبِي الرِّجَالِ، عَنْ أُمِّهِ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - أَنَّهَا قَالَتْ طَيَّبْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لِحُرْمِهِ حِينَ أَحْرَمَ وَلِحِلِّهِ قَبْلَ أَنْ يُفِيضَ بِأَطْيَبِ مَا وَجَدْتُ ‏.‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported:I applied the best available perfume I could find to the Messenger of Allah (ﷺ) before he entered upon the state of Ihram and after he was free from it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।