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सहीह मुस्लिम

नंबर 2786

नंबर 2786किताब 14, नंबर 7अरबी नंबरिंग 1173.02
وَحَدَّثَنَاهُ ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، ح وَحَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ سَوَّادٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ، وَهْبٍ أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، ح وَحَدَّثَنِي سَلَمَةُ بْنُ شَبِيبٍ، حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ، حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، ح وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ، كُلُّ هَؤُلاَءِ عَنْ يَحْيَى بْنِ، سَعِيدٍ عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمَعْنَى حَدِيثِ أَبِي مُعَاوِيَةَ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ ابْنِ عُيَيْنَةَ وَعَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ وَابْنِ إِسْحَاقَ ذِكْرُ عَائِشَةَ وَحَفْصَةَ وَزَيْنَبَ - رضى الله عنهن - أَنَّهُنَّ ضَرَبْنَ الأَخْبِيَةَ لِلاِعْتِكَافِ ‏.‏
This hadith has been reported through another chain of transmitters, and there it is mentioned that. 'A'isha, Hafsa and Zainab (Allah be pleased with them) pitched the tents for i'tikaf

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book of I'tikaf

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।