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सहीह मुस्लिम

नंबर 2781

नंबर 2781किताब 14, नंबर 2अरबी नंबरिंग 1171.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ بْنُ يَزِيدَ، أَنَّ نَافِعًا، حَدَّثَهُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، - رضى الله عنهما - أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَعْتَكِفُ الْعَشْرَ الأَوَاخِرَ مِنْ رَمَضَانَ ‏.‏ قَالَ نَافِعٌ وَقَدْ أَرَانِي عَبْدُ اللَّهِ - رضى الله عنه - الْمَكَانَ الَّذِي كَانَ يَعْتَكِفُ فِيهِ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنَ الْمَسْجِدِ ‏.‏
Abdullah b. Umar (Allah be pleased with both of them) reported that the Messenger of Allah (ﷺ) used to observe i'tikaf in the last ten days of Ramadan. Nafi' said:Abdullah (Allah be pleased with him) showed me the place in the mosque where the Messenger of Allah (ﷺ) used to observe i'tikaf

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book of I'tikaf

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।