सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2767

नंबर 2767किताब 13, नंबर 273अरबी नंबरिंग 1165.07
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنِ الشَّيْبَانِيِّ، عَنْ جَبَلَةَ، وَمُحَارِبٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ، - رضى الله عنهما - قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ تَحَيَّنُوا لَيْلَةَ الْقَدْرِ فِي الْعَشْرِ الأَوَاخِرِ ‏"‏ ‏.‏ أَوْ قَالَ ‏"‏ فِي التِّسْعِ الأَوَاخِرِ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar (Allah be pleased with both of them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Seek the time of Lailat-ul-Qadr in the last (ten nights), or he said: in the last nine (nights)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।