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सहीह मुस्लिम

नंबर 2733

नंबर 2733किताब 13, नंबर 239अरबी नंबरिंग 1159.05
وَحَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ يُوسُفَ الأَزْدِيُّ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ أَبِي سَلَمَةَ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قِرَاءَةً قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، عَنِ ابْنِ الْحَكَمِ بْنِ ثَوْبَانَ، حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ، - رضى الله عنهما - قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا عَبْدَ اللَّهِ لاَ تَكُنْ بِمِثْلِ فُلاَنٍ كَانَ يَقُومُ اللَّيْلَ فَتَرَكَ قِيَامَ اللَّيْلِ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. 'Amr b. al-'As (Allah be pleased with them) reported that the Messenger of Allah (ﷺ) said:'Abdullah, don't be like so and so who observed prayer during the whole night and then abandoned it (altogether)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।