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सहीह मुस्लिम

नंबर 2709

नंबर 2709किताब 13, नंबर 215अरबी नंबरिंग 1151.07
وَحَدَّثَنِيهِ إِسْحَاقُ بْنُ عُمَرَ بْنِ سَلِيطٍ الْهُذَلِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، - يَعْنِي ابْنَ مُسْلِمٍ - حَدَّثَنَا ضِرَارُ بْنُ مُرَّةَ، - وَهُوَ أَبُو سِنَانٍ - بِهَذَا الإِسْنَادِ قَالَ وَقَالَ ‏ "‏ إِذَا لَقِيَ اللَّهَ فَجَزَاهُ فَرِحَ ‏"‏ ‏.‏
A hadith like this is narrated on the authority of Abu Sinan with the same chain of transmitters (and the words are):" As he meets Allah, He rewards him, and he is happy

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।