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सहीह मुस्लिम

नंबर 2702

नंबर 2702किताब 13, नंबर 208अरबी नंबरिंग 1150
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَعَمْرٌو النَّاقِدُ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، - رضى الله عنه - قَالَ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ رِوَايَةً وَقَالَ عَمْرٌو يَبْلُغُ بِهِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَقَالَ زُهَيْرٌ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا دُعِيَ أَحَدُكُمْ إِلَى طَعَامٍ وَهُوَ صَائِمٌ فَلْيَقُلْ إِنِّي صَائِمٌ ‏"‏‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) reported Allah's Apostle (ﷺ) as saying:If any one of you is invited to a meal when he is fasting, he should say:" I am fasting

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।