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सहीह मुस्लिम

नंबर 2691

नंबर 2691किताब 13, नंबर 197अरबी नंबरिंग 1146.05
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عُمَرَ الْمَكِّيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ الدَّرَاوَرْدِيُّ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْهَادِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - أَنَّهَا قَالَتْ إِنْ كَانَتْ إِحْدَانَا لَتُفْطِرُ فِي زَمَانِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَمَا تَقْدِرُ عَلَى أَنْ تَقْضِيَهُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حَتَّى يَأْتِيَ شَعْبَانُ ‏.‏
A'isha reported:If one amongst us had to break fasts (of Ramadan due to natural reasons, i. e. menses) during the life of the Messenger of Allah (ﷺ) she could not find it possible to complete them so long she had been in the presence of Allah's Messenger (ﷺ) till Sha'ban commenced

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।