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सहीह मुस्लिम

नंबर 2655

नंबर 2655किताब 13, नंबर 161अरबी नंबरिंग 1129.03
وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ فِي مِثْلِ هَذَا الْيَوْمِ ‏ "‏ إِنِّي صَائِمٌ فَمَنْ شَاءَ أَنْ يَصُومَ فَلْيَصُمْ "‏ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ بَاقِيَ حَدِيثِ مَالِكٍ وَيُونُسَ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Zuhri with the same chain of transmitters that be heard Allah's Apostle (ﷺ) as saying on a similar day:I am fasting today, so he who wishes to observe fast should do so; but he did not make mention of the rest of the hadith

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।