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सहीह मुस्लिम

नंबर 2646

नंबर 2646किताब 13, नंबर 152अरबी नंबरिंग 1126.05
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أَبِي خَلَفٍ، حَدَّثَنَا رَوْحٌ، حَدَّثَنَا أَبُو مَالِكٍ، عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ الأَخْنَسِ أَخْبَرَنِي نَافِعٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، - رضى الله عنهما - قَالَ ذُكِرَ عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم صَوْمُ يَوْمِ عَاشُورَاءَ ‏.‏ فَذَكَرَ مِثْلَ حَدِيثِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ سَوَاءً ‏.‏
Abdullah b. Umar (Allah be pleased with them) reported that the day of 'Ashura was mentioned before the Messenger of Allah (ﷺ) and he narrated a hadith like one (narrated above)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।