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सहीह मुस्लिम

नंबर 2640

नंबर 2640किताब 13, नंबर 146अरबी नंबरिंग 1125.04
حَدَّثَنَا حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ، أَنَّ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَأْمُرُ بِصِيَامِهِ قَبْلَ أَنْ يُفْرَضَ رَمَضَانُ فَلَمَّا فُرِضَ رَمَضَانُ كَانَ مَنْ شَاءَ صَامَ يَوْمَ عَاشُورَاءَ وَمَنْ شَاءَ أَفْطَرَ ‏.‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported that the Messenger of Allah (ﷺ) had ordered to observe fast (on 'Ashura) before the fasting in Ramadan was made obligatory. But when it became obligatory, then he who wished fasted on the day of Ashura, and he who wished did not observe it (on that day)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।