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सहीह मुस्लिम

नंबर 2630

नंबर 2630किताब 13, नंबर 136अरबी नंबरिंग 1122.01
حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ رُشَيْدٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ أُمِّ الدَّرْدَاءِ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، - رضى الله عنه - قَالَ خَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي شَهْرِ رَمَضَانَ فِي حَرٍّ شَدِيدٍ حَتَّى إِنْ كَانَ أَحَدُنَا لَيَضَعُ يَدَهُ عَلَى رَأْسِهِ مِنْ شِدَّةِ الْحَرِّ وَمَا فِينَا صَائِمٌ إِلاَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ رَوَاحَةَ ‏.‏
अबू दर्दा- रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है, कहते हैं कि हम लोग अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ रमज़ान के महीने में सख्त गर्मी के समय एक यात्रा पर निकले। स्थिति यह थी कि सख्त गर्मी के कारण, हम अपने सिर पर अपना हाथ रख लिया करते थे। उस समय, हमारे बीच अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और अब्दुल्लाह बिन रवाहा- रज़ियल्लाहु अन्हु- के सिवा कोई रोज़े से नहीं था।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।