सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2625

नंबर 2625किताब 13, नंबर 131अरबी नंबरिंग 1121.01
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - أَنَّهَا قَالَتْ سَأَلَ حَمْزَةُ بْنُ عَمْرٍو الأَسْلَمِيُّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الصِّيَامِ فِي السَّفَرِ فَقَالَ ‏ "‏ إِنْ شِئْتَ فَصُمْ وَإِنْ شِئْتَ فَأَفْطِرْ ‏"‏ ‏.‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported that Hamza b. 'Amr al-Aslami asked the Messenger of Allah (ﷺ) about fasting on a journey, and he (the Holy Prophet) said:Fast if you like and break it if you like

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।