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सहीह मुस्लिम

नंबर 2611

नंबर 2611किताब 13, नंबर 117अरबी नंबरिंग 1114.02
وَحَدَّثَنَاهُ قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، - يَعْنِي الدَّرَاوَرْدِيَّ - عَنْ جَعْفَرٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَزَادَ فَقِيلَ لَهُ إِنَّ النَّاسَ قَدْ شَقَّ عَلَيْهِمُ الصِّيَامُ وَإِنَّمَا يَنْظُرُونَ فِيمَا فَعَلْتَ ‏.‏ فَدَعَا بِقَدَحٍ مِنْ مَاءٍ بَعْدَ الْعَصْرِ ‏.‏
This hadith has been narrated by Ja'far with the same chain of transmitters and he added:It was said to him (to the Holy Prophet): There are people to whom fasting has become unbearable and they are waiting how you do. He (the Holy Prophet) then called for a cup of water when it was afternoon. The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।