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सहीह मुस्लिम

नंबर 2547

नंबर 2547किताब 13, नंबर 53अरबी नंबरिंग 1094.04
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سَوَادَةَ، قَالَ سَمِعْتُ سَمُرَةَ، بْنَ جُنْدَبٍ - رضى الله عنه - وَهُوَ يَخْطُبُ يُحَدِّثُ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ لاَ يَغُرَّنَّكُمْ نِدَاءُ بِلاَلٍ وَلاَ هَذَا الْبَيَاضُ حَتَّى يَبْدُوَ الْفَجْرُ - أَوْ قَالَ - حَتَّى يَنْفَجِرَ الْفَجْرُ ‏"‏ ‏.‏
Samura b. Jundub addressed and narrated from the Messenger of Allah (ﷺ) having said (these words):Neither the call of Bilal should mislead you nor this whiteness (of false dawn) till (the true) dawn appears (or he said) till the dawn breaks

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।