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सहीह मुस्लिम

नंबर 2545

नंबर 2545किताब 13, नंबर 51अरबी नंबरिंग 1094.02
وَحَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَوَادَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدَبٍ، - رضى الله عنه - قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَغُرَّنَّكُمْ أَذَانُ بِلاَلٍ وَلاَ هَذَا الْبَيَاضُ - لِعَمُودِ الصُّبْحِ - حَتَّى يَسْتَطِيرَ هَكَذَا ‏"‏‏.‏
Samura b. Jundub reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:The Adhan of Bilal should not mislead you nor the whiteness (of the pillar) of dawn, for it is not the whiteness of the true dawn, but that of the false dawn which is vertical like a pillar and you can eat food till the streaks of whiteness spread like it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।