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सहीह मुस्लिम

नंबर 2517

नंबर 2517किताब 13, नंबर 23अरबी नंबरिंग 1081.04
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ الْعَبْدِيُّ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ، عُمَرَ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، - رضى الله عنه - قَالَ ذَكَرَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الْهِلاَلَ فَقَالَ ‏ "‏ إِذَا رَأَيْتُمُوهُ فَصُومُوا وَإِذَا رَأَيْتُمُوهُ فَأَفْطِرُوا فَإِنْ أُغْمِيَ عَلَيْكُمْ فَعُدُّوا ثَلاَثِينَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) narrated that the Messenger of Allah (may peace he upon him) made a mention of the new moon and (in this connection) said:Observe fast when you see it (the new moon) and break fast when you see it (the new moon of Shawwal), but when (the actual position of the month is) concealed from you (on account of cloudy sky), then count thirty days

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।