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सहीह मुस्लिम

नंबर 2508

नंबर 2508किताब 13, नंबर 14अरबी नंबरिंग 1080.11
وَحَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ عُثْمَانَ، حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْبَكَّائِيُّ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، - رضى الله عنهما - عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الشَّهْرُ هَكَذَا وَهَكَذَا وَهَكَذَا عَشْرًا وَعَشْرًا وَتِسْعًا ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. 'Umar (Allah be pleased with both of them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:The month (of Ramadan) is thus and thus, and thus. i.e. ten, ten and nine

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।