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सहीह मुस्लिम

नंबर 2498

नंबर 2498किताब 13, नंबर 4अरबी नंबरिंग 1080.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، - رضى الله عنهما - عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ ذَكَرَ رَمَضَانَ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ تَصُومُوا حَتَّى تَرَوُا الْهِلاَلَ وَلاَ تُفْطِرُوا حَتَّى تَرَوْهُ فَإِنْ أُغْمِيَ عَلَيْكُمْ فَاقْدِرُوا لَهُ ‏"‏ ‏.‏
Ibn Umar (Allah be pleased with both of them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying in connection with Ramadan:Do not fast till you see the new moon, and do not break fast till you see it; but if the weather is cloudy calculate about it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।