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सहीह मुस्लिम

नंबर 2473

नंबर 2473किताब 12, नंबर 210अरबी नंबरिंग 1069.01
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ الْعَنْبَرِيُّ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُحَمَّدٍ، - وَهُوَ ابْنُ زِيَادٍ - سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ أَخَذَ الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ تَمْرَةً مِنْ تَمْرِ الصَّدَقَةِ فَجَعَلَهَا فِي فِيهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ كِخْ كِخْ ارْمِ بِهَا أَمَا عَلِمْتَ أَنَّا لاَ نَأْكُلُ الصَّدَقَةَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported that Hasan b. 'Ali took one of The dates of the sadaqa and put it in his mouth, whereupon the Prophet (ﷺ) said:Leave it, leave it, throw it; don't you know that we do not eat the sadaqa?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।