सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2461

नंबर 2461किताब 12, नंबर 198अरबी नंबरिंग 1065.05
حَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ الْقَوَارِيرِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ، عَنِ الضَّحَّاكِ الْمِشْرَقِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي حَدِيثٍ ذَكَرَ فِيهِ قَوْمًا يَخْرُجُونَ عَلَى فُرْقَةٍ مُخْتَلِفَةٍ يَقْتُلُهُمْ أَقْرَبُ الطَّائِفَتَيْنِ مِنَ الْحَقِّ ‏.‏
Abu Sa'id al-Khudri reported from the Messenger of Allah (ﷺ) that a group (Khawarij) would emerge from the different parties (the party of Hadrat 'Ali and the party of Amir Mu'awiya), the group nearer the truth between the two would kill them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।