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सहीह मुस्लिम

नंबर 2358

नंबर 2358किताब 12, नंबर 95अरबी नंबरिंग 1020
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أَبِي خَلَفٍ، حَدَّثَنَا زَكَرِيَّاءُ بْنُ عَدِيٍّ، أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، بْنُ عَمْرٍو عَنْ زَيْدٍ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ ثَابِتٍ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ نَهَى فَذَكَرَ خِصَالاً وَقَالَ ‏ "‏ مَنْ مَنَحَ مَنِيحَةً غَدَتْ بِصَدَقَةٍ وَرَاحَتْ بِصَدَقَةٍ صَبُوحِهَا وَغَبُوقِهَا ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported that the Messenger of Allah (ﷺ) forbade (to do certain things) and then he made a mention of certain habits and said:He who gives a she-camel as a gift, for him is the reward (of the gift) both morning and evening - a reward for drinking milk in the morning and a reward for drinking milk in the evening

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।