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सहीह मुस्लिम

नंबर 2286

नंबर 2286किताब 12, नंबर 24अरबी नंबरिंग 985.04
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنِ الْحَارِثِ بْنِ، عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي ذُبَابٍ عَنْ عِيَاضِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي سَرْحٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ كُنَّا نُخْرِجُ زَكَاةَ الْفِطْرِ مِنْ ثَلاَثَةِ أَصْنَافٍ الأَقِطِ وَالتَّمْرِ وَالشَّعِيرِ ‏.‏
Abu Sa'id al Khudri reported:We used to take out the Zakat of Fitr in three kinds, cheese, dates and barley

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।