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सहीह मुस्लिम

नंबर 2281

नंबर 2281किताब 12, नंबर 19अरबी नंबरिंग 984.04
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ بِزَكَاةِ الْفِطْرِ صَاعٍ مِنْ تَمْرٍ أَوْ صَاعٍ مِنْ شَعِيرٍ ‏.‏ قَالَ ابْنُ عُمَرَ فَجَعَلَ النَّاسُ عِدْلَهُ مُدَّيْنِ مِنْ حِنْطَةٍ ‏.‏
Abdullah b. Umar reported that the Messenger of Allah (ﷺ) ordered the (payment of) Zakat-ul-Fitr one sa' of dates, or one sa' of barley. Ibn 'Umar ('Abdullah b. 'Umar) further said:The people equalised it (then) with two mudds of fine wheat

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।