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सहीह मुस्लिम

नंबर 2276

नंबर 2276किताब 12, नंबर 14अरबी नंबरिंग 982.04
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَهَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، وَأَحْمَدُ بْنُ عِيسَى، قَالُوا حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مَخْرَمَةُ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عِرَاكِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَيْسَ فِي الْعَبْدِ صَدَقَةٌ إِلاَّ صَدَقَةُ الْفِطْرِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:There is no Sadaqa on a slave except Sadaqat-ul-Fitr

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।