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सहीह मुस्लिम

नंबर 2274

नंबर 2274किताब 12, नंबर 12अरबी नंबरिंग 982.02
وَحَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، بْنُ مُوسَى عَنْ مَكْحُولٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ عِرَاكِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، - قَالَ عَمْرٌو - عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَقَالَ زُهَيْرٌ يَبْلُغُ بِهِ ‏ "‏ لَيْسَ عَلَى الْمُسْلِمِ فِي عَبْدِهِ وَلاَ فَرَسِهِ صَدَقَةٌ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:No Sadaqa is due from a Muslim on his slave or horse

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।