وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي عَمْرُو، بْنُ يَحْيَى بْنِ عُمَارَةَ عَنْ أَبِيهِ، يَحْيَى بْنِ عُمَارَةَ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ . وَأَشَارَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِكَفِّهِ بِخَمْسِ أَصَابِعِهِ ثُمَّ ذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ ابْنِ عُيَيْنَةَ .
Umara reported:I heard Abd Sa'id al-Khudri as saying that he had heard Allah's Messenger (ﷺ) make (this) observation with a gesture of his five fingers, and then he narrated the hadith as transmitted by 'Uyaina (hadith)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।