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सहीह मुस्लिम

नंबर 2258

नंबर 2258किताब 11, नंबर 134अरबी नंबरिंग 976.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبَّادٍ، - وَاللَّفْظُ لِيَحْيَى - قَالاَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ، بْنُ مُعَاوِيَةَ عَنْ يَزِيدَ، - يَعْنِي ابْنَ كَيْسَانَ - عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اسْتَأْذَنْتُ رَبِّي أَنْ أَسْتَغْفِرَ لأُمِّي فَلَمْ يَأْذَنْ لِي وَاسْتَأْذَنْتُهُ أَنْ أَزُورَ قَبْرَهَا فَأَذِنَ لِي ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger, (ﷺ) as saying:I sought permission to beg forgiveness for my mother, but He did not grant it to me. I sought permission from Him to visit her grave, and He granted it (permission) to me

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।