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सहीह मुस्लिम

नंबर 2251

नंबर 2251किताब 11, नंबर 127अरबी नंबरिंग 972.02
وَحَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ الرَّبِيعِ الْبَجَلِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ بُسْرِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي إِدْرِيسَ الْخَوْلاَنِيِّ، عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ، عَنْ أَبِي مَرْثَدٍ الْغَنَوِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تُصَلُّوا إِلَى الْقُبُورِ وَلاَ تَجْلِسُوا عَلَيْهَا‏"‏ ‏.‏
Abu Marthad al-Ghanawi reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Do not pray facing towards the graves, and do not sit on them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।