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सहीह मुस्लिम

नंबर 2241

नंबर 2241किताब 11, नंबर 118अरबी नंबरिंग 967
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، وَوَكِيعٌ، جَمِيعًا عَنْ شُعْبَةَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو جَمْرَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ جُعِلَ فِي قَبْرِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَطِيفَةٌ حَمْرَاءُ ‏.‏ قَالَ مُسْلِمٌ أَبُو جَمْرَةَ اسْمُهُ نَصْرُ بْنُ عِمْرَانَ وَأَبُو التَّيَّاحِ اسْمُهُ يَزِيدُ بْنُ حُمَيْدٍ مَاتَا بِسَرَخْسَ ‏.‏
Ibn 'Abbas said that a piece of red stuff was put in the grave of Allah's Messenger (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।