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सहीह मुस्लिम

नंबर 2238

नंबर 2238किताब 11, नंबर 115अरबी नंबरिंग 965.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ - وَاللَّفْظُ لِيَحْيَى - قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا وَقَالَ، يَحْيَى أَخْبَرَنَا وَكِيعٌ، عَنْ مَالِكِ بْنِ مِغْوَلٍ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ، سَمُرَةَ قَالَ أُتِيَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِفَرَسٍ مُعْرَوْرًى فَرَكِبَهُ حِينَ انْصَرَفَ مِنْ جَنَازَةِ ابْنِ الدَّحْدَاحِ وَنَحْنُ نَمْشِي حَوْلَهُ ‏.‏
It is reported on the authority of Jabir ibn Samura that an unsaddled horse was brought to the Prophet (ﷺ) and he rode on it when he returned after having offered the funeral prayer of Ibn Dahdah and we walked on foot around him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।