सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2222

नंबर 2222किताब 11, नंबर 100अरबी नंबरिंग 960.01
وَحَدَّثَنِي سُرَيْجُ بْنُ يُونُسَ، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ عُلَيَّةَ - عَنْ هِشَامٍ الدَّسْتَوَائِيِّ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ مِقْسَمٍ، عَنْ جَابِرِ، بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ مَرَّتْ جَنَازَةٌ فَقَامَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَقُمْنَا مَعَهُ فَقُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهَا يَهُودِيَّةٌ ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْمَوْتَ فَزَعٌ فَإِذَا رَأَيْتُمُ الْجَنَازَةَ فَقُومُوا ‏"‏ ‏.‏
It is narrated on the authority of Jabir ibn 'Abdullah:There passed a bier and the Prophet (ﷺ) stood up for it and we also stood up along with him. We said: Messenger of Allah, that was the bier of a Jewess. Upon this he remarked: Verily, death is a matter of consternation, so whenever you come across a bier stand up

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।