सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2198

नंबर 2198किताब 11, नंबर 76अरबी नंबरिंग 947
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، أَخْبَرَنَا سَلاَّمُ بْنُ أَبِي مُطِيعٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ، - رَضِيعِ عَائِشَةَ - عَنْ عَائِشَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَا مِنْ مَيِّتٍ يُصَلِّي عَلَيْهِ أُمَّةٌ مِنَ الْمُسْلِمِينَ يَبْلُغُونَ مِائَةً كُلُّهُمْ يَشْفَعُونَ لَهُ إِلاَّ شُفِّعُوا فِيهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ فَحَدَّثْتُ بِهِ شُعَيْبَ بْنَ الْحَبْحَابِ فَقَالَ حَدَّثَنِي بِهِ أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
A'isha reported Allah's Apostle (ﷺ) saying:If a company of Muslims numbering one hundred pray over a dead person, all of them interceding for him, their intercession for him will be accepted

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।