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सहीह मुस्लिम

नंबर 2194

नंबर 2194किताब 11, नंबर 71अरबी नंबरिंग 945.06
حَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، - يَعْنِي ابْنَ حَازِمٍ - حَدَّثَنَا نَافِعٌ، قَالَ قِيلَ لاِبْنِ عُمَرَ إِنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ تَبِعَ جَنَازَةً فَلَهُ قِيرَاطٌ مِنَ الأَجْرِ ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَ ابْنُ عُمَرَ أَكْثَرَ عَلَيْنَا أَبُو هُرَيْرَةَ ‏.‏ فَبَعَثَ إِلَى عَائِشَةَ فَسَأَلَهَا فَصَدَّقَتْ أَبَا هُرَيْرَةَ فَقَالَ ابْنُ عُمَرَ لَقَدْ فَرَّطْنَا فِي قَرَارِيطَ كَثِيرَةٍ ‏.‏
Nafi' narrated that it was said to Ibn 'Umar that Abu Huraira reported to have heard Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who follows the bier, for him is the reward of one qirat. Ibn 'Umar said: Abu Huraira narrated it too often. So he sent (a messenger to) 'A'isha to ascertain (the fact). She ('A'isha) testified Abu Huraira. Ibn 'Umar said: We missed so many qirats

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।