सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2186

नंबर 2186किताब 11, नंबर 64अरबी नंबरिंग 944.01
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، جَمِيعًا عَنِ ابْنِ عُيَيْنَةَ، - قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، - عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَسْرِعُوا بِالْجَنَازَةِ فَإِنْ تَكُ صَالِحَةً فَخَيْرٌ - لَعَلَّهُ قَالَ - تُقَدِّمُونَهَا عَلَيْهِ وَإِنْ تَكُنْ غَيْرَ ذَلِكَ فَشَرٌّ تَضَعُونَهُ عَنْ رِقَابِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Apostle (ﷺ) as saying:Make haste at a funeral; if the dead person was good, it is a good state to which you are sending him on; but if he was otherwise it is an evil of which you are ridding yourselves

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।