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सहीह मुस्लिम

नंबर 2183

नंबर 2183किताब 11, नंबर 61अरबी नंबरिंग 942.01
وَحَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَحَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالَ عَبْدٌ أَخْبَرَنِي وَقَالَ، الآخَرَانِ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، - وَهُوَ ابْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ - حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ، شِهَابٍ أَنَّ أَبَا سَلَمَةَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَخْبَرَهُ أَنَّ عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ قَالَتْ سُجِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حِينَ مَاتَ بِثَوْبِ حِبَرَةٍ ‏.‏
A'isha reported:When the Messenger of Allah (may peace be upom him) died, he was covered with a Yamani wrapper

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।