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सहीह मुस्लिम

नंबर 2162

नंबर 2162किताब 11, नंबर 40अरबी नंबरिंग 935.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ، ح وَحَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، - يَعْنِي ابْنَ مُسْلِمٍ - كُلُّهُمْ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ نَحْوَهُ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ عَبْدِ الْعَزِيزِ وَمَا تَرَكْتَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنَ الْعِيِّ ‏.‏
This hadith has been narrated by Yahya b. Sa'id with the same chain of transmitters like one narrated by 'Abd al-'Aziz (with the change of these words):" You did not spare the Messenger of Allah (ﷺ) the botheration

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।