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सहीह मुस्लिम

नंबर 2157

नंबर 2157किताब 11, नंबर 35अरबी नंबरिंग 933.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ عُبَيْدٍ الطَّائِيِّ، وَمُحَمَّدِ، بْنِ قَيْسٍ عَنْ عَلِيِّ بْنِ رَبِيعَةَ، قَالَ أَوَّلُ مَنْ نِيحَ عَلَيْهِ بِالْكُوفَةِ قَرَظَةُ بْنُ كَعْبٍ فَقَالَ الْمُغِيرَةُ بْنُ شُعْبَةَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ نِيحَ عَلَيْهِ فَإِنَّهُ يُعَذَّبُ بِمَا نِيحَ عَلَيْهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
Ali b. Rabi'a reported that the first one who was lamented upon in Kufa was Qaraza b. Ka'b. Mughira b. Shu'ba said:I heard the Messenger of Allah (ﷺ) saying: He who is lamented upon would be punished because of the lamentation for him on the Day of judgment

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।