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सहीह मुस्लिम

नंबर 2142

नंबर 2142किताब 11, नंबर 20अरबी नंबरिंग 927.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، جَمِيعًا عَنِ ابْنِ بِشْرٍ، - قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ الْعَبْدِيُّ، - عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، قَالَ حَدَّثَنَا نَافِعٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ حَفْصَةَ، بَكَتْ عَلَى عُمَرَ فَقَالَ مَهْلاً يَا بُنَيَّةُ أَلَمْ تَعْلَمِي أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْمَيِّتَ يُعَذَّبُ بِبُكَاءِ أَهْلِهِ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. 'Umar reported that Hafsa wept for 'Umar (when he was about to die). He ('Umar) said:Be quiet, my daughter. Don't you know that the Messenger of Allah (ﷺ) had said:" The deceased is punished because of his family's weeping over the death"?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।