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सहीह मुस्लिम

नंबर 2125

नंबर 2125किताब 11, नंबर 3अरबी नंबरिंग 917
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، وَعُثْمَانُ، ابْنَا أَبِي شَيْبَةَ ح وَحَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، قَالُوا جَمِيعًا حَدَّثَنَا أَبُو خَالِدٍ الأَحْمَرُ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَقِّنُوا مَوْتَاكُمْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Exhort to recite" There is no god but Allah" to those of you who are dying

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of Prayer - Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।