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सहीह मुस्लिम

नंबर 2120

नंबर 2120किताब 10, नंबर 29अरबी नंबरिंग 913.03
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا سَالِمُ بْنُ نُوحٍ، أَخْبَرَنَا الْجُرَيْرِيُّ، عَنْ حَيَّانَ بْنِ، عُمَيْرٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ سَمُرَةَ، قَالَ بَيْنَمَا أَنَا أَتَرَمَّى، بِأَسْهُمٍ لِي عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذْ خَسَفَتِ الشَّمْسُ ‏.‏ ثُمَّ ذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِهِمَا ‏.‏
Abd al-Rahman b. Samura reported:I was shooting some of my arrows during the lifetime of the Messenger of Allah (ﷺ) that the sun eclipsed. The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Prayer - Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।