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सहीह मुस्लिम

नंबर 2095

नंबर 2095किताब 10, नंबर 6अरबी नंबरिंग 902.02
وَحَدَّثَنَا حَاجِبُ بْنُ الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْوَلِيدِ الزُّبَيْدِيُّ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ كَانَ كَثِيرُ بْنُ عَبَّاسٍ يُحَدِّثُ أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍ، كَانَ يُحَدِّثُ عَنْ صَلاَةِ، رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمَ كَسَفَتِ الشَّمْسُ بِمِثْلِ مَا حَدَّثَ عُرْوَةُ عَنْ عَائِشَةَ ‏.‏
Zuhri said:Kathir b. Abbas used to narrate that Ibn 'Abbas used to relate about the prayer of the Messenger of Allah (ﷺ) in regard to the eclipse of the sun like that what was narrated by 'Urwa on the authority of 'A'isha

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Prayer - Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।