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सहीह मुस्लिम

नंबर 98

नंबर 98किताब 1, नंबर 6अरबी नंबरिंग 9
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا أَبُو حَيَّانَ التَّيْمِيُّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ مِثْلَهُ غَيْرَ أَنَّ فِي رِوَايَتِهِ ‏ "‏ إِذَا وَلَدَتِ الأَمَةُ بَعْلَهَا ‏"‏ يَعْنِي السَّرَارِيَّ ‏.‏
This hadith is narrated to us on the authority of Muhammad b. 'Abdullah b. Numair, on the authority of Muhammad b. Bishr, on the authority of Abd Hayyan al-Taymi with the exception that in this narration (instead of the words (Iza Waladat al'amah rabbaha), the words are (Iza Waladat al'amah Ba'laha), i, e, when slave-girl gives birth to her master

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।